तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर
जय शंकर प्रसाद जी की उक्त पंक्तियाँ पढ़ते ही मेरे मन में सोया कवि कई वर्षो बाद जाग उठा और लीजिये बिना रुके तैयार हुई सीधे मन से ...