तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर
जय शंकर प्रसाद जी की उक्त पंक्तियाँ पढ़ते ही
मेरे मन में सोया कवि कई वर्षो बाद
जाग उठा और लीजिये बिना रुके तैयार हुई सीधे मन से
निकली ये कविता
।। तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतर ला ज़मीन पर।।
रावण दिखता हो तुम्हें
तो राम बनना सीख लो
कंस दिखे तुमको
तो कृष्ण बन जीना सीख लो
यहीं है नर्क माना
पर स्वर्ग बनाना सीख लो
तोड़ दो मनहूसियत के ताले
हरियाली बिखेरना सीख लो
षडयंत्र होते हो अनेक
तुम विजयी होना सीख लो
धर्म का साथ दो
अधर्म के विरुद्ध उठो
विश्वास से विष निकालो
श्वास लेना सीख लो
प्रेरणा बनो सबके लिए
दुःख दर्द हरना सीख लो
बीमार हो तुम्हारे प्रिय
उन्हें निरोगी बनाना सीख लो
अन्याय हो तुम्हारे साथ तो
न्याय के लिए लड़ना सीख लो
अविश्वास में रोना नहीं तुमको कभी
आत्मविश्वास होना सीख लो
कुछ नहीं असंभव है इस जग में
जो ठान लो तुम वज्र से
उठो चलो खड़े हो सर उठाओ
विजयी भव आशीर्वाद तुमको
धर्म के साथ खड़े हो
धर्म के लिए धर्मी बन
गर्वान्वित विजयी होना सीख लो
इस धरती को स्वर्ग बनाने
का निश्चय करो
स्वर्ग स्थापित करना सीख लो।
-सुश्री नीरजा राज कालरा
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